{"vars":{"id": "125128:4947"}}

सहारा इंडिया पर EPFO का बड़ा एक्शन: ₹1204 करोड़ की रिकवरी के लिए कुर्की और नीलामी शुरू, कर्मचारियों को मिलेगी राहत

लखनऊ स्थित चल-अचल संपत्तियों पर चलेगा चाबुक, 1179 करोड़ का है सबसे बड़ा दावा

 

लखनऊ (भदैनी मिरर डेस्क): कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सहारा इंडिया परिवार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। भविष्य निधि (PF) के बकाया भुगतान को लेकर EPFO ने सहारा की विभिन्न इकाइयों से करीब 1,204 करोड़ रुपए की वसूली के लिए कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है। इस कदम से सहारा के उन हजारों कर्मचारियों में उम्मीद की किरण जागी है, जिनका पीएफ का पैसा लंबे समय से फंसा हुआ है।

रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) के जरिए घेराबंदी

लखनऊ स्थित EPFO कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2021 से अप्रैल 2023 के बीच सहारा समूह की विभिन्न यूनिट्स के खिलाफ कई रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किए गए थे। इन मामलों में कुल चार बड़े दावे शामिल हैं। इसमें सबसे बड़ी बकाया राशि 1,179 करोड़ रुपए की है, जबकि अन्य दावे 31 लाख से लेकर 23 करोड़ रुपए के बीच हैं।

कुर्की और नीलामी का काउंटडाउन शुरू

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, रिकवरी अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए गए हैं कि लखनऊ स्थित सहारा इंडिया की सभी चल (Bank accounts, Vehicles) और अचल (Land, Buildings) संपत्तियों को चिन्हित कर उन्हें कुर्क किया जाए। इसके तुरंत बाद नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि बकाया राशि वसूली जा सके।

कर्मचारियों के हक को मिलेगी प्राथमिकता

EPFO ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखकर की जा रही है। ईपीएफ अधिनियम की धारा 11(2) का हवाला देते हुए बताया गया कि किसी भी संस्थान की संपत्तियों की नीलामी से प्राप्त राशि पर पहला अधिकार वहां के कर्मचारियों के PF बकाये का होता है। यानी नीलामी से जो भी पैसा आएगा, वह सबसे पहले कर्मचारियों के खातों में जाएगा।

सहारा के कर्मचारियों को बड़ी राहत

बीते कई वर्षों से सहारा इंडिया के कर्मचारी अपने पीएफ और वेतन विसंगतियों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। EPFO के इस कड़े रुख और नीलामी के आदेश के बाद अब यह माना जा रहा है कि कर्मचारियों के हक का पैसा जल्द ही उनके पास होगा।