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सोना न खरीदें, देश बचाएं! PM मोदी की इस अपील के पीछे क्या है $72 बिलियन का 'फॉरेक्स' गणित?

ईरान युद्ध के बीच विदेशी मुद्रा भंडार पर मंडराता खतरा, पीएम ने देशवासियों से की अपील- 'एक साल टाल दें सोने की खरीद और विदेश यात्रा'।

 

नई दिल्ली (भदैनी मिरर): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से बचाने के लिए एक बड़ा और भावुक आह्वान किया है। वैश्विक अनिश्चितताओं और ईरान युद्ध के कारण बढ़ती तेल की कीमतों के बीच पीएम ने देशवासियों से 'आर्थिक राष्ट्रवाद' का परिचय देने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया: "एक साल के लिए सोने की खरीद टाल दें, विदेश यात्राओं पर विराम लगाएं और जहां संभव हो, वर्क फ्रॉम होम (WFH) को अपनाएं।"

क्यों जरूरी है सोना न खरीदना? समझें गणित

भारत अपनी जरूरत का लगभग पूरा सोना विदेशों से आयात करता है और इसका भुगतान डॉलर में करना पड़ता है। आंकड़े चौंकाने वाले हैं:

  • भारी बिल: वित्त वर्ष 2026 में भारत ने $72 अरब का सोना आयात किया, जो पिछले साल से 24% ज्यादा है।

  • कुल आयात का बड़ा हिस्सा: भारत के कुल आयात बिल ($775 अरब) में अकेले सोने की हिस्सेदारी लगभग 10% है।

  • बचत की संभावना: अगर देशवासी सोने की खरीद में 30-40% की भी कमी कर दें, तो भारत के $20 से $25 अरब सीधे बच सकते हैं।

युद्ध, तेल और रुपया: तिहरी मार

वर्तमान में चल रहे अमेरिका-ईरान तनाव ने तेल की कीमतों को $100 प्रति बैरल के पार पहुंचा दिया है। भारत अपनी जरूरत का 88% तेल आयात करता है। जब हम सोना खरीदते हैं, तो डॉलर की मांग बढ़ती है जिससे रुपया कमजोर होता है।

"सोना संकट के समय 'सुरक्षित निवेश' माना जाता है, जिससे लोग युद्ध के समय इसे और ज्यादा खरीदते हैं। यही मांग विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) को खाली कर देती है। पीएम की अपील इस डॉलर को बचाने की एक रक्षात्मक आर्थिक रणनीति है।"

इन सेक्टर्स पर दिखेगा सीधा असर

प्रधानमंत्री के इस संबोधन के बाद बाजार के कई क्षेत्रों में हलचल तेज हो गई है:

  • एविएशन और ट्रेवल: विदेशी दौरों और डेस्टिनेशन वेडिंग को टालने की अपील से एयरलाइंस और ट्रैवल एजेंसियों के शेयरों में नरमी देखी गई है।

  • होटल इंडस्ट्री: लग्जरी होटलों और पर्यटन से जुड़े कारोबार पर इसका असर पड़ने की संभावना है।

  • पेट्रोलियम: ईंधन बचाने और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग की अपील से तेल कंपनियों की खपत दर में बदलाव आ सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है विकल्प?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग सोने में निवेश करना चाहते हैं, वे फिजिकल गोल्ड (जेवर या सिक्के) के बजाय डिजिटल विकल्पों को चुनें:

  1. Gold ETFs: यह सोने की कीमतों पर नजर रखता है लेकिन इसमें डॉलर बाहर नहीं जाता।

  2. Sovereign Gold Bonds: इसमें निवेश सुरक्षित रहता है और पैसा देश के भीतर ही रहता है।

  3. SIP और म्यूचुअल फंड: पूंजी को भारतीय वित्तीय प्रणाली में सक्रिय रखने का बेहतर तरीका।