Donald Trump के एक बयान से शेयर बाजार में कोहराम, सेंसेक्स 1677 अंक टूटा, निवेशकों के 9 लाख करोड़ स्वाहा
ट्रंप ने ईरान से बातचीत को बताया 'समय की बर्बादी'; कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग, ब्रेंट क्रूड $79 के पार
भदैनी मिरर, बिजनेस डेस्क: वैश्विक मोर्चे से आ रही बड़ी खबरों के बीच बुधवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक तल्ख बयान ने दुनिया भर के बाजारों सहित भारतीय शेयर बाजार (Stock Market Crash) में भी सुनामी ला दी। कारोबार के आखिरी घंटे में बिकवाली का ऐसा दबाव बढ़ा कि देखते ही देखते सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए। इस बड़ी गिरावट के कारण महज कुछ ही घंटों में निवेशकों के करीब 9 लाख करोड़ रुपये डूब गए।
ट्रंप के रुख से बढ़ा मिडिल ईस्ट में 'आर-पार' का खतरा
शेयर बाजार में आए इस भूचाल की मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को लेकर बदला हुआ रुख है। मंगलवार तक जहां दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की खबरें आ रही थीं, वहीं बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में ईरानी हमलों पर अमेरिका ने न सिर्फ पलटवार किया, बल्कि डोनाल्ड ट्रंप ने आर-पार के मूड में बड़ा बयान दे दिया।
ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा, "ईरान के साथ शांति वार्ता पर बातचीत करना सिर्फ समय की बर्बादी है। मैं अब ईरान के साथ किसी भी तरह की नई डील नहीं करना चाहता। समझौते का दौर अब पूरी तरह खत्म हो चुका है।" ट्रंप के इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध की आशंका और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने का खतरा गहरा गया है।
सेंसेक्स और निफ्टी में ऐतिहासिक गिरावट, दिग्गज शेयर बिखरे
ट्रंप के इस बयान का असर भारतीय बाजार पर तत्काल देखने को मिला। आखिरी घंटे में बिकवाली के हाहाकार के बीच BSE Sensex एक समय 1900 अंकों से ज्यादा टूट गया था, लेकिन बाजार बंद होने तक यह 1677 अंक या 2.15 फीसदी फिसलकर 76,503 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, NSE Nifty भी 516 अंक का बड़ा गोता लगाकर 23,882 पर क्लोज हुआ। रिलायंस (Reliance), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), टीसीएस (TCS) और इंडिगो (IndiGo) जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
एक झटके में स्वाहा हुए 9 लाख करोड़ रुपये
बाजार में आई इस चौतरफा गिरावट के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) भारी रूप से घट गया। मंगलवार को जहां बीएसई का मार्केट कैप 480.20 लाख करोड़ रुपये था, वह बुधवार को घटकर 471.13 लाख करोड़ रुपये रह गया। यानी निवेशकों की संपत्ति में करीब 9 लाख करोड़ रुपये की भारी कमी आई है।
क्रूड ऑयल उछला, बढ़ा बाजार के डर का पैमाना (India VIX)
डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आग लग गई। ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) 6.75 फीसदी की भारी तेजी के साथ $79 प्रति बैरल के पार पहुंच गया। तेल की कीमतों में इस उछाल से भारत जैसी आयात निर्भर अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई बढ़ने का जोखिम बढ़ गया है।
इसी वजह से बाजार में अनिश्चितता और डर का पैमाना माना जाने वाला सूचकांक 'इंडिया वीआईएक्स' (India VIX) अचानक 15 के स्तर को पार कर गया। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में भी कमजोरी देखने को मिली है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं होता, बाजार में उतार-चढ़ाव का यह दौर जारी रह सकता है।