शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 400 अंक टूटा, निफ्टी 23,700 के नीचे फिसला; जानें गिरावट की बड़ी वजहें
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, यूएस फेड की चिंताओं और भारी बिकवाली के चलते भारतीय बाजार में मंगलवार को बड़ा गोता लगा
भदैनी मिरर डेस्क: मंगलवार का कारोबार भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए निराशाजनक रहा। लाल निशान पर सपाट शुरुआत के बाद दिनभर बिकवाली का दबाव बना रहा, जिसके चलते मुख्य सूचकांक बड़े नुकसान के साथ बंद हुए। बीएसई का सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक लुढ़क गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 23,700 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे फिसल गया।
बाजार में इस चौतरफा गिरावट के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताएं और प्राइमरी (IPO) मार्केट में फंड्स का डाइवर्ट होना मुख्य वजह माना जा रहा है। दिग्गज कंपनियों के शेयरों में हुई बिकवाली ने निवेशकों की धारणा को गहराई से प्रभावित किया।
दिग्गज शेयरों का हाल: अदाणी एंटरप्राइजेज और एक्सिस बैंक सबसे ज्यादा टूटे
कारोबारी सत्र के दौरान बड़े और हैवीवेट शेयरों में बिकवाली हावी रही। सबसे ज्यादा नुकसान अदाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) और एक्सिस बैंक (Axis Bank) के शेयरों में दर्ज किया गया, जिसने निफ्टी को नीचे खींचने में प्रमुख भूमिका निभाई।
बाजार में गिरावट के 3 प्रमुख कारण
कच्चे तेल में तेजी: वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों ने देश में महंगाई बढ़ने की आशंकाओं को गहरा कर दिया है, जिससे भारतीय इक्विटी बाजार दबाव में आ गए हैं।
यूएस फेड दर वृद्धि की चिंता: अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Fed) द्वारा ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने या बढ़ाने के संकेतों से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) का रुख सतर्क हो गया है, जिससे उभरते बाजारों से पूंजी निकासी का जोखिम बढ़ा है।
आईपीओ मार्केट का प्रभाव: हाल के दिनों में एक के बाद एक आ रहे आईपीओ (IPO) में रिटेल और संस्थागत निवेशकों का बड़ा फंड लॉक हो रहा है, जिससे सेकेंडरी मार्केट में लिक्विडिटी (नकदी) की कमी महसूस की जा रही है।
विश्लेषकों की राय और निफ्टी के सपोर्ट लेवल्स
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निफ्टी का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड अभी भी नकारात्मक बना हुआ है। जब तक निफ्टी 24,025 के स्तर के नीचे कारोबार कर रहा है, तब तक कमजोरी का रुझान जारी रहने की संभावना है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि गिरावट आगे बढ़ती है, तो निफ्टी 23,600 से 23,500 के मुख्य सपोर्ट जोन (Support Band) तक जा सकता है। यह दायरा पूर्व के बड़े गैप-अप एरिया और जुलाई 2026 के निचले स्तरों से मिलकर बना है, जो बाजार को थामने के लिए एक मजबूत आधार का काम कर सकता है।
वैश्विक बाजारों का रुख
भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि एशियाई और वैश्विक बाजारों में भी सुस्ती का रुख देखा गया:
जापान: निक्केई 225 फ्यूचर्स में 0.1% की मामूली बढ़त रही, जबकि टॉपिक्स (Topix) 0.4% गिरकर बंद हुआ।
हांगकांग व ऑस्ट्रेलिया: हांगकांग का हैंग सेंग 0.7% और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 करीब 0.6% टूटकर बंद हुआ।
चीन: शंघाई कंपोजिट में 0.3% की हल्की रिकवरी देखी गई।
अमेरिका व यूरोप: S&P 500 फ्यूचर्स और यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स बिना किसी बड़े बदलाव के लगभग सपाट बने रहे।