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Apple HomeView Launch: क्यों खास है एप्पल का यह 'बोरिंग' नया होम डिवाइस

आईफोन (iPhone) का विस्तार बनकर आया 299 डॉलर का 'होमव्यू' डिवाइस; जटिल एआई ट्रेंड से हटकर सादगी और प्राइवेसी पर किया गया है बड़ा फोकस।

 

भदैनी मिरर टेक डेस्क: तकनीक की दुनिया में कंपनियां हमेशा से कुछ अनोखा और भविष्यवादी दिखने वाले गैजेट्स लाने की होड़ में रहती हैं, जो घर के चारों ओर पहिए लगाकर खुद घूमें या उड़ने जैसी बातें करें। लेकिन एप्पल (Apple) ने अपने नए होम डिवाइस 'होमव्यू' (HomeView) के साथ बिल्कुल अलग और साधारण रास्ता चुना है, जिसे कुछ लोग 'बोरिंग' कह सकते हैं—और यही इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत भी है।

न्यूयार्क में आयोजित एक इवेंट के दौरान एप्पल ने अपने इस नए होम डिवाइस से पर्दा उठाया। यह बाजार में घर को 'जीतने' का एप्पल का दूसरा प्रयास है। इससे पहले 2018 में कंपनी ने 'होमपॉड' (HomePod) पेश किया था, जो बाजार में कुछ खास असर नहीं छोड़ पाया था। उस दौर में वॉयस असिस्टेंट शुरुआती चरण में थे और मुख्य रूप से गाना बजाने या टाइमर सेट करने के काम आते थे। उस समय गूगल और अमेजन इस सेगमेंट के मुख्य खिलाड़ी बन गए थे, जबकि एप्पल की बाजार हिस्सेदारी महज 6 प्रतिशत के आसपास सिमट कर रह गई थी।

क्या है एप्पल का नया HomeView और इसकी कीमत?

आगामी नवंबर में बाजार में आने वाले इस नए होमव्यू की कीमत $299 रखी गई है। यह एक बेहद साधारण दिखने वाला 7-इंच चौकोर स्क्रीन डिवाइस है, जिसे या तो एल्युमिनियम बेस पर रखा जा सकता है या दीवार पर माउंट किया जा सकता है।

  • यह डिवाइस कैमरे और वॉयस रिकग्निशन की मदद से यह पहचानता है कि इसे कौन एक्सेस कर रहा है और उसी के अनुसार अपने जवाबों को ढालता है।

  • हालांकि इसमें टचस्क्रीन भी है, लेकिन इसका मुख्य कंट्रोल मेथड सिरी एआई (Siri AI) है, जो एप्पल के वॉयस असिस्टेंट के लिए एक बड़ी परीक्षा भी होगी।

जटिल एआई से अलग 'सादगी और गोपनीयता' पर जोर

आज बाजार में मौजूद कई अग्रणी एआई प्रोडक्ट्स काफी जटिल, त्रुटि-पूर्ण और तकनीकी शब्दावली से भरे हुए हैं। इसके अलावा, आम जनता भी इस बात को लेकर संशय में रहती है कि टेक कंपनियां उनके डेटा का क्या उपयोग कर रही हैं।

एप्पल ने इस समस्या का बहुत ही शानदार समाधान निकाला है। होमव्यू को किसी स्वतंत्र और जटिल गैजेट के रूप में उतारने के बजाय आईफोन (iPhone) का एक सीधा विस्तार (Extension) बनाया गया है।

  • ठीक वैसे ही जैसे आपने कभी 'एप्पल कारप्ले' (Apple CarPlay) या 'एप्पल वॉच' का इस्तेमाल किया हो।

  • इसमें फेसटाइम, म्यूजिक और पॉडकास्ट जैसी इन-बिल्ट ऐप्स मिलती हैं। थर्ड-पार्टी ऐप्स सीधे डिवाइस पर इंस्टॉल होने के बजाय पास में रखे आईफोन से कनेक्ट होकर काम करती हैं।

  • चूंकि होमव्यू यह पहचान सकता है कि इसे कौन इस्तेमाल कर रहा है, इसलिए स्पॉटीफाई (Spotify) जैसी थर्ड-पार्टी ऐप्स का अनुभव भी पूरी तरह से पर्सनलाइज्ड होगा, न कि किसी साझा 'फैमिली' अकाउंट जैसा।

प्राइवेसी और भरोसे का बड़ा कार्ड

एप्पल का यह दृष्टिकोण प्राइवेसी चिंताओं का एक बेहतरीन जवाब है। होमव्यू में कोई भी व्यक्तिगत डेटा सीधे डिवाइस पर स्टोर नहीं होता, बल्कि वह हमेशा पास के आईफोन के पर्सनल कॉन्टेक्स्ट पर निर्भर रहता है।

विश्लेषकों का मानना है कि भले ही अमेजन और गूगल के पास इस सेगमेंट में एक दशक की बढ़त हो, लेकिन एप्पल की इको-सिस्टम लॉयल्टी और आईफोन जैसी मजबूत पकड़ के चलते उपभोक्ता एक ऐसे सरल और भरोसेमंद डिवाइस के लिए प्रीमियम चुकाने को तैयार हैं जो उनके स्मार्टफोन से गहराई से जुड़ा हो। एप्पल ने 'बोरिंग' रणनीति अपनाकर एक बार फिर साबित कर दिया है कि सादगी ही सबसे बड़ा इनोवेशन है।