बिहार में नीतीश युग का अंत! खुद पोस्ट कर राज्यसभा जाने की इच्छा जताई, नए मुख्यमंत्री के लिए महिला चेहरा पर मंथन
करीब दो दशक तक बिहार की सत्ता संभालने वाले नीतीश कुमार के बाद नए चेहरे की तलाश, एनडीए में कई नामों पर चर्चा
Updated: Mar 5, 2026, 13:47 IST
बिहार की राजनीति में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। करीब दो दशक तक राज्य की सत्ता संभालने वाले मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच अब यह सवाल उठने लगा है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।
एनडीए के भीतर नए चेहरे को लेकर मंथन तेज है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि इस बार गठबंधन किसी नए या चौंकाने वाले चेहरे को सामने ला सकता है, जिसमें महिला नेता का नाम भी शामिल बताया जा रहा है।
कई नाम चर्चा में, लेकिन तस्वीर साफ नहीं
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक मुख्यमंत्री पद के लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं।
इनमें केंद्रीय मंत्री Nityanand Rai, बिहार के वरिष्ठ भाजपा नेता Samrat Choudhary और भाजपा नेता Nitin Nabin के नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं।
इसके अलावा भाजपा कोटे की मंत्री Shreyasi Singh का नाम भी संभावित चेहरों में शामिल बताया जा रहा है। हालांकि अभी तक एनडीए की ओर से किसी एक नाम पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
दो दशक तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश
Nitish Kumar बिहार की राजनीति में पिछले लगभग 20 वर्षों से सबसे प्रभावशाली चेहरा रहे हैं। उन्होंने अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों में कई बार मुख्यमंत्री पद संभाला है।
वे पहली बार 3 मार्च 2000 को बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन बहुमत साबित नहीं कर पाने के कारण उन्हें सिर्फ सात दिन बाद ही इस्तीफा देना पड़ा।
2005 से शुरू हुआ नंबर रजनीतिक दौर
साल 2005 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के समर्थन से नीतीश कुमार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। इसके बाद 2010 के चुनाव में भी जनता ने उन्हें स्पष्ट जनादेश दिया और वह फिर सत्ता में लौटे।
हालांकि 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और Jitan Ram Manjhi को मुख्यमंत्री बनाया।
गठबंधन बदलते रहे, लेकिन कुर्सी बरकरार
बिहार की राजनीति में गठबंधन बदलने की वजह से भी नीतीश कुमार अक्सर चर्चा में रहे।
- 2015 में महागठबंधन के साथ चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बने।
- 2017 में राजद से अलग होकर फिर एनडीए में शामिल हुए और दोबारा मुख्यमंत्री बने।
- 2020 में एनडीए की जीत के बाद फिर सीएम पद संभाला।
- 2022 में एक बार फिर महागठबंधन के साथ सरकार बनाई।
- 2024 में महागठबंधन छोड़कर फिर एनडीए में शामिल हो गए।
2025 में 10वीं बार मुख्यमंत्री बने
नवंबर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बाद नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
इस तरह वे बिहार के इतिहास में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बन गए। इससे पहले किसी भी मुख्यमंत्री ने इतना लंबा कार्यकाल नहीं संभाला था।
अब आगे क्या?
अब यदि नीतीश कुमार राज्यसभा की ओर जाते हैं तो बिहार की राजनीति में नया नेतृत्व उभर सकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एनडीए इस बार ऐसा चेहरा सामने ला सकता है जो राज्य में नया सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बना सके। ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।