{"vars":{"id": "125128:4947"}}

जमुई कांड में सुपर स्पीडी ट्रायल: IAS-IPS अधिकारियों को जिम्मेदारी, 15-20 दिनों में मनचलों को सजा दिलाने का लक्ष्य

डीएम और एसपी की संयुक्त पीसी: पीड़ित छात्रा की सुरक्षा, सोशल मीडिया पर फर्जी कंटेंट फैलाने वाले 225 लोगों पर FIR दर्ज

 

जमुई (भदैनी मिरर)। बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ सरेआम हुई अश्लील हरकत और छेड़खानी के मामले में पुलिस और जिला प्रशासन ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए कमर कस ली है। इस मामले में आरोपियों को सुपर स्पीडी ट्रायल के जरिए अगले 15 से 20 दिनों के भीतर कोर्ट से सजा दिलवाने का दावा किया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जमुई के जिलाधिकारी (DM) नवीन और पुलिस अधीक्षक (SP) विश्वजीत दयाल ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर पूरी कार्ययोजना साझा की।

IAS और IPS अधिकारियों को सौंपी गई मॉनिटरिंग

डीएम नवीन ने बताया कि घटना में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। केस की मॉनिटरिंग और कोर्ट से समन्वय स्थापित कर त्वरित न्याय दिलाने के लिए आईपीएस (IPS) अधिकारी दीप्ति मनाली और आईएएस (IAS) अधिकारी शिप्रा विकास चौधरी को नोडल अफसर नियुक्त किया गया है।

एनकाउंटर में पकड़ा गया मुख्य आरोपी, पुराना आपराधिक इतिहास

एसपी विश्वजीत दयाल ने जानकारी दी कि मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल हुआ था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। दूसरा आरोपी हरेराम यादव भागने के दौरान गिरकर चोटिल हुआ था, जिसे इलाज के बाद जेल भेज दिया गया है।

दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। नंदन यादव का पिता डबल मर्डर केस का आरोपी रहा है, वहीं हरेराम यादव अवैध बालू खनन के कारोबार से जुड़ा रहा है।

अफवाह फैलाने वाले 225 लोगों पर एफआईआर

डीएम और एसपी ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर मनगढ़ंत कहानियां, एआई-जनरेटेड (AI Generated) और फर्जी वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं, जिससे निष्पक्ष जांच और पीड़ित छात्रा की मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है। भ्रामक पोस्ट शेयर करने वाले 225 लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है और 3 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा होगी कड़ी

प्रशासन ने बताया कि घटना मड़वा पहाड़ी के पास सुनसान रास्ते पर घटी थी, जब छात्रा अपने सहपाठी के साथ स्कूटी से लौट रही थी। इस घटना के बाद जिले के सभी दर्शनीय और पर्यटन स्थलों पर डायल-112 की तैनाती, पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा करने का फैसला लिया गया है।