बिहार की राजनीति में हलचल: RBI गवर्नर की नीतीश और सम्राट चौधरी से मुलाकात ने बढ़ाई सीएम रेस की अटकलें
पटना में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी से मुलाकात, लेकिन दूसरे डिप्टी सीएम विजय सिन्हा और वित्त मंत्री से दूरी… क्या भाजपा ने भावी मुख्यमंत्री को लेकर संकेत दे दिया?
बिहार की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं अपने चरम पर हैं। नीतीश कुमार के संभावित त्यागपत्र और भाजपा के भीतर मुख्यमंत्री पद की होड़ के बीच पटना में शुक्रवार को हुई एक औपचारिक मुलाकात ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर संजय मल्होत्रा की पटना यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री आवास पर नीतीश कुमार और भाजपा के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी से मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।
चर्चा का कारण यह है कि आरबीआई गवर्नर ने न तो दूसरे डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा से मुलाकात की और न ही राज्य के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव से। यह बात राजनीतिक पर्यवेक्षकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को हैरान कर रही है।
क्या भाजपा ने अगले मुख्यमंत्री को लेकर संकेत दे दिया?
नीतीश कुमार के बाद बिहार में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा—यह सवाल पिछले दो हफ्तों से राज्य की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
इसी बीच गवर्नर संजय मल्होत्रा का सम्राट चौधरी से मिलना और विजेत सिन्हा को "इग्नोर" किया जाना राजनीतिक संकेतों की तरफ इशारा माना जा रहा है।
राजनीतिक हलकों में चर्चाएं हैं कि:
- क्या यह मुलाकात भाजपा हाईकमान द्वारा सम्राट चौधरी की ओर झुकाव का संदेश है?
- या यह सिर्फ औपचारिकता थी और इसका कोई राजनीतिक अर्थ नहीं है?
भाजपा के अंदर ही दो मजबूत दावेदार—सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा—सीएम की रेस में दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में एक को तरजीह और दूसरे को नजरअंदाज किया जाना गंभीर राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
नीतीश कुमार दो किस्तों में देंगे इस्तीफा?
राजनीतिक गलियारों में एक और चर्चा तेज है—
नीतीश कुमार एक झटके में इस्तीफा नहीं देंगे, बल्कि दो चरणों में पद छोड़ेंगे:
- पहला इस्तीफा—सीएम पद से
- दूसरा इस्तीफा—विधान परिषद की सदस्यता से
हालांकि, जेडीयू नेता इस पर आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
26 मार्च के बाद बदल सकता है बिहार का सत्ता समीकरण
नीतीश कुमार इन दिनों समृद्धि यात्रा पर हैं और अक्सर मंच से सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखते नजर आते हैं।
इससे राजनीतिक व्याख्याएं और तेज हो गई हैं कि नीतीश कुमार की पसंद भी सम्राट चौधरी हो सकते हैं।
जेडीयू और भाजपा दोनों ने साफ कहा है कि:
- 26 मार्च के बाद सीएम चयन को लेकर बैठकें होंगी
- भाजपा विधायक दल की बैठक भी अप्रैल के पहले सप्ताह में संभव है
- नया सीएम चुनने में नीतीश कुमार की भूमिका अहम रहेगी, लेकिन अंतिम निर्णय एनडीए का सामूहिक होगा
क्यों महत्वपूर्ण बन गई RBI गवर्नर की मुलाकात?
सवाल उठना लाजमी है—
जब सीएम से मुलाकात हो चुकी थी, तो वित्त मंत्री और दूसरे डिप्टी सीएम से न मिलना क्या संकेत देता है?
विशेषज्ञों के मुताबिक:
- सम्राट चौधरी के पास गृह विभाग है—जो राजनीतिक रूप से बेहद प्रभावशाली मंत्रालय है
- विजय सिन्हा के पास भूमि सुधार, खनन और राजस्व विभाग
- वित्त मंत्री जेडीयू से आते हैं
इसलिए आरबीआई गवर्नर का सिर्फ सीएम और सम्राट चौधरी से मिलना कई मायनों में राजनीति को संकेत करता है।