बिहार में 'अफसरशाही' के बीच प्रशांत किशोर का नया अंदाज: मुख्य सचिव और DGP संग बैठक, ट्रैफिक से राशन तक बनी समयबद्ध कार्ययोजना
ट्रैफिक सुधार, सूखा नशा, पेयजल और स्कूलों की गुणवत्ता पर सहमति; 7-10 दिनों में कार्डधारकों को पूरा 5 किलो अनाज दिलाने का मिला आश्वासन
भदैनी मिरर (बिहार डेस्क): बिहार की राजनीति में अक्सर विधायकों और जन प्रतिनिधियों को अफसरशाही से शिकायत रहती है। सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष के नेता कई बार आरोप लगाते रहे हैं कि अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते और आम जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं देते। इस बीच, जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) का एक अलग ही अंदाज देखने को मिल रहा है।
प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्य सचिव और डीजीपी (DGP) समेत विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में न केवल पटना और राज्य की मुख्य समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया, बल्कि केवल शिकायतें दर्ज कराने के बजाय उनके निवारण के लिए एक निश्चित समयसीमा (Timeline) भी तय की गई।
बैठक के प्रमुख बिंदु और बनी सहमतियां:
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ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार: पटना की ट्रैफिक समस्या को दूर करने के लिए अगले एक महीने के भीतर अंतरविभागीय समन्वय बैठक और विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी संबंधित विभाग मिलकर मास्टर प्लान बनाएंगे।
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पूर्ण राशन की गारंटी: पटना में राशन कार्डधारकों को 3.5 से 4 किलो अनाज मिलने के मुद्दे पर मुख्य सचिव ने व्यक्तिगत हस्तक्षेप का भरोसा दिया है। 7 से 10 दिनों में विभागीय कार्रवाई पूरी कर हर कार्डधारक को 5 किलो अनाज दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा।
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सूखा नशा और बेघर बच्चे: सूखे नशे (Dry Drugs) की लत और सड़क पर रहने वाले बच्चों के पुनर्वास के लिए देश के प्रमुख सामाजिक संगठनों को बिहार बुलाया जाएगा। सामुदायिक पुलिसिंग के जरिए इस समस्या को न्यूनतम स्तर पर लाया जाएगा।
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रेहड़ी-पटरी वालों से अवैध वसूली पर रोक: वेंडर्स से वसूली की शिकायतों पर डीजीपी स्तर से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। संबंधित वार्डों की सूची सौंपे जाने पर सीधे पुलिस मुख्यालय से मॉनिटरिंग होगी।
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स्मार्ट सिटी और बांकीपुर पेयजल संकट: पटना स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सड़कों, नालों, गलियों और वेंडिंग जोन के विकास पर नगर आयुक्त के साथ अगले महीने समीक्षा होगी। बांकीपुर समेत अन्य इलाकों में नई पेयजल परियोजनाएं शुरू होने तक वर्तमान व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाएगा।
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सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता: 1 साल के भीतर सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक स्तर में सुधारात्मक बदलाव का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में अवसर देने से जुड़ी योजना पर शिक्षा विभाग के साथ जल्द बैठक होगी।
समस्याओं के समाधान हेतु समयबद्ध कार्ययोजना पर जोर
बैठक के बाद प्रशांत किशोर ने बताया कि डीजीपी के साथ हुई प्राथमिक वार्ता के बाद मुख्य सचिव के साथ यह दूसरी बड़ी समन्वय बैठक थी। इसमें पुलिसिंग व्यवस्था से लेकर आम नागरिक की बुनियादी समस्याओं को दूर करने के लिए ठोस और पारदर्शी कदम उठाने पर सहमति बनी है।
अब देखना यह होगा कि जन सुराज के इस प्रशासनिक संवाद और तय की गई समयबद्ध कार्ययोजना का असर धरातल पर कितनी जल्दी दिखाई देता है।