{"vars":{"id": "125128:4947"}}

Bihar News: गजब का नटवरलाल! पहले 'जज' बनकर DGP को ठगा, अब 'ED डायरेक्टर' बनकर DM को किया फोन; पटना से गिरफ्तार

फर्जीवाड़े का उस्ताद: पहले हाई कोर्ट का जज बनकर गया के पूर्व SSP की पैरवी की थी, अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) का अधिकारी बना।

 

पटना/वाराणसी (भदैनी मिरर): बिहार की राजधानी पटना से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे पढ़कर आप भी हैरान रह जाएंगे। 'फर्जी अधिकारी' बनकर बिहार के बड़े-बड़े प्रशासनिक अधिकारियों की नाक में दम करने वाला शातिर अभिषेक अग्रवाल एक बार फिर सलाखों के पीछे पहुँच गया है। इस बार अभिषेक ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) का फर्जी निदेशक बनकर भोजपुर के डीएम को ही फोन मिला दिया, जिसके बाद उसकी पोल खुल गई।

डीएम को ईडी अधिकारी बनकर किया कॉल

बीते 27 अप्रैल को अभिषेक अग्रवाल ने खुद को ईडी का बड़ा अधिकारी बताते हुए भोजपुर के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया को कॉल किया। उसने प्रशासनिक कार्यों में दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन डीएम को उसकी बातों पर संदेह हुआ। इसके बाद 28 अप्रैल को भोजपुर के नवादा थाने में मामला दर्ज किया गया। बिहार एसटीएफ (STF) ने वैज्ञानिक अनुसंधान और मोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर छापेमारी कर अभिषेक को पटना की नागेश्वर कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया।

जब जज बनकर तत्कालीन DGP को हिला दिया था

अभिषेक अग्रवाल का अपराध जगत का इतिहास बेहद रोचक और फिल्मी है। साल 2022 में उसने पटना हाई कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस संजय करोल के नाम से बिहार के तत्कालीन DGP एस.के. सिंघल को कॉल किया था। उस वक्त उसने शराब माफिया से जुड़े एक मामले में गया के तत्कालीन एसएसपी आदित्य कुमार को राहत देने के लिए पैरवी की थी। इस फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद वह जेल गया था, लेकिन जमानत पर बाहर आते ही उसने फिर से अपना 'खेल' शुरू कर दिया।

अफसरों के साथ फोटो खिंचवाने का है शौकीन

अभिषेक अग्रवाल की प्रोफाइल किसी हाई-प्रोफाइल शख्सियत से कम नहीं दिखती। वह रसूखदार आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के साथ फोटो खिंचवाता था और उन्हें सोशल मीडिया व अन्य जगहों पर दिखाकर लोगों और छोटे अधिकारियों पर रौब जमाता था। पुलिस जांच में पता चला है कि उसने फर्जी अधिकारी बनकर कई सरकारी कर्मचारियों से ठगी भी की है।

पुलिस की कार्रवाई

पटना और भोजपुर पुलिस के साथ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) भी इस मामले की जांच कर रही है। एसटीएफ ने आरोपी को नवादा पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस अब उन अधिकारियों और रसूखदारों की सूची तैयार कर रही है, जिनके संपर्क में यह शातिर ठग रहा था।