Bihar Flood Alert: पटना के गांधी घाट पर गंगा ने तोड़ा रिकॉर्ड, जलस्तर 50.53 मीटर पर पहुंचा
सर्वोच्च बाढ़ स्तर (HFL) से ऊपर बह रही गंगा, 6 सितंबर तक जलस्तर और बढ़ने की आशंका; मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण
भदैनी मिरर (क्षेत्रीय/बिहार डेस्क): बिहार में जारी भारी बारिश के बीच गंगा नदी रौद्र रूप धारण कर चुकी है। राजधानी पटना के प्रसिद्ध गांधी घाट पर शनिवार (5 सितंबर 2026) सुबह गंगा के जलस्तर ने अपने अब तक के सबसे उच्चतम स्तर ('हाईएस्ट फ्लड लेवल' - HFL) को पार कर नया रिकॉर्ड बना दिया है। नदी के उफान से पटना के निचले इलाकों में बाढ़ और जलभराव का गंभीर खतरा मंडराने लगा है।
जल संसाधन विभाग (WRD) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, गांधी घाट पर मात्र चार घंटों के भीतर गंगा का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर 50.53 मीटर पर पहुंच गया, जो कि अपने रिकॉर्ड सर्वोच्च स्तर से 1 सेंटीमीटर ऊपर है।
6 सितंबर तक और बढ़ेगा जलस्तर, प्रशासन मुस्तैद
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, स्थिति अभी और बिगड़ सकती है। पूर्वानुमान जताया गया है कि रविवार (6 सितंबर) सुबह 8 बजे तक गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर बढ़कर 50.62 मीटर तक पहुंच सकता है। इसे देखते हुए तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
बिहार में नेपाल और स्थानीय क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते सिर्फ गंगा ही नहीं, बल्कि गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे राज्य के कई जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण
राज्य में बाढ़ की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए:
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राहत और बचाव: बाढ़ प्रभावित परिवारों की त्वरित पहचान कर उन तक समय पर खाद्य सामग्री और राहत सामग्री पहुंचाई जाए।
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तटबंधों की निगरानी: बक्सर से लेकर भागलपुर तक गंगा के सभी संवेदनशील तटबंधों और बांधों की 24 घंटे लगातार निगरानी की जाए ताकि किसी भी प्रकार के कटाव या दरार को रोका जा सके।