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अनुष्का यादव के मां बनने की अफवाहों पर तेजप्रताप यादव का बड़ा बयान, बोले– अनुष्का और बच्ची से मेरा कोई रिश्ता नहीं

सोशल मीडिया पर अनुष्का यादव के मां बनने का दावा वायरल, तेजप्रताप यादव ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश, पांच ‘जयचंदों’ के नाम भी किए सार्वजनिक

 

पटना। बिहार के पूर्व मंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर अनुष्का यादव के मां बनने का दावा वायरल होने के बाद तेजप्रताप यादव ने कड़ा बयान जारी करते हुए कहा है कि अनुष्का यादव और नवजात बच्ची- दोनों से उनका कोई संबंध नहीं है।

तेजप्रताप यादव ने रविवार को कहा कि कुछ महीने पहले उनके नाम को गलत तरीके से एक महिला से जोड़ा गया था, जिसकी वजह से उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। अब वही लोग यह अफवाह फैला रहे हैं कि उस महिला ने उनके बच्चे को जन्म दिया है।

तेजप्रताप ने कहा, “मैं सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही इन झूठी खबरों से बेहद परेशान हूं। जिन अफवाहों के कारण मुझे पार्टी और परिवार से बाहर होना पड़ा, अब उन्हीं अफवाहों को आगे बढ़ाया जा रहा है। मेरा उस महिला या बच्चे से कोई लेना-देना नहीं है।”

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि यह सब उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की साजिश है। तेजप्रताप यादव ने दावा किया कि वह उस व्यक्ति को जानते हैं जिसके साथ अनुष्का यादव वर्तमान में रिश्ते में हैं और वही बच्चे का पिता है। उन्होंने मांग की कि सच्चाई सामने लाई जाए और उनका नाम बेवजह घसीटना बंद किया जाए।

पांच ‘जयचंदों’ का किया खुलासा

तेजप्रताप यादव ने इस पूरे मामले के पीछे साजिश का आरोप लगाते हुए पांच लोगों को ‘जयचंद’ करार दिया। उन्होंने जिन नामों का जिक्र किया उनमें — मुकेश रोशन, संजय यादव, शक्ति सिंह यादव, रमीज और सुनील सिंह शामिल हैं।
तेजप्रताप का कहना है कि इन्हीं लोगों ने उनके फेसबुक अकाउंट को हैक कर आपत्तिजनक पोस्ट डाली थी, जिसमें दावा किया गया था कि वह महिला के साथ 12 साल से रिश्ते में हैं। इसी पोस्ट के बाद पार्टी नेतृत्व ने उनके खिलाफ कार्रवाई की थी।

उन्होंने राज्यसभा सदस्य और विधान परिषद के एक सदस्य पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि समय आने पर सभी साजिशों का पर्दाफाश किया जाएगा।

तेजप्रताप यादव ने भावुक अपील करते हुए कहा, “मैं अपने विरोधियों से सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि मुझे शांति से जीने दें। मेरी निजी जिंदगी को राजनीतिक हथियार न बनाया जाए।”