व्रतः 2021 की पहली अमावस्या पर ऐसे करें पूजा, करें ये उपाय

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हिन्दू धर्म में जितना महत्व त्यौहारों का है उतना ही व्रत का भी है। पूरे साल कई सारे व्रत हमारे आराध्य देवी देवताओं से कृपा प्राप्ति के लिए किए जाते हैं। इनमें से एक है अमावस्या का व्रत, जो हर माह कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को आती है। पौष मास की अमावस्या 13 जनवरी बुधवार को पड़ रही है। इस साल कुल 14 अमावस्या पड़ेंगी, इनमें यह साल की पहली अमावस्या भी है। पुराणों के अनुसार अमावस्या को पूर्वजों का दिन कहा जाता है। अमावस्या के दिन नदी में स्नान कर दान-पुण्य और पितृ तर्पण करना लाभकारी माना जाता है। माना जाता है कि अमावस्या तिथि को व्यक्ति को बुरे कर्म और नकारात्मक विचारों से भी दूर रहना चाहिए।   इस माह में करें सूर्य की उपासना,रखें ये सावधानियां ऐसे करें व्रत - पौष अमावस्या के दिन पवित्र नदी, जलाशय या कुंड आदि में स्नान करना चाहिए। - सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद पितरों का तर्पण करना चाहिए।  - तांबे के पात्र में शुद्ध जल, लाल चंदन और लाल रंग के पुष्प डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। - पितरों की आत्मा की शांति के लिए उपवास करें और किसी गरीब व्यक्ति को दान.दक्षिणा देना चाहिए। - यदि पितृ दोष है से पीड़ित व्यक्ति को पौष अमावस्या का व्रत रखकर पितरों का तर्पण अवश्य करना चाहिए। संक्रांति से लेकर लोहड़ी तक इस माह आएंगे ये व्रत और त्यौहार इस दिन करें कोई एक उपाय - अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ का पूजन कर मीठा जल अर्पित करें। - तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाकर परिक्रमा करें।   - सूर्यास्त के बाद हनुमान जी के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। - अमावस्या तिथि शिवलिंग के पास दीपक जलाएं और ऊँ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जप करें। .Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.....Worship this way on the first Amavasya of 2021. ..

व्रतः 2021 की पहली अमावस्या पर ऐसे करें पूजा, करें ये उपाय

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हिन्दू धर्म में जितना महत्व त्यौहारों का है उतना ही व्रत का भी है। पूरे साल कई सारे व्रत हमारे आराध्य देवी देवताओं से कृपा प्राप्ति के लिए किए जाते हैं। इनमें से एक है अमावस्या का व्रत, जो हर माह कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को आती है। पौष मास की अमावस्या 13 जनवरी बुधवार को पड़ रही है। इस साल कुल 14 अमावस्या पड़ेंगी, इनमें यह साल की पहली अमावस्या भी है।

पुराणों के अनुसार अमावस्या को पूर्वजों का दिन कहा जाता है। अमावस्या के दिन नदी में स्नान कर दान-पुण्य और पितृ तर्पण करना लाभकारी माना जाता है। माना जाता है कि अमावस्या तिथि को व्यक्ति को बुरे कर्म और नकारात्मक विचारों से भी दूर रहना चाहिए।  

इस माह में करें सूर्य की उपासना,रखें ये सावधानियां

ऐसे करें व्रत
- पौष अमावस्या के दिन पवित्र नदी, जलाशय या कुंड आदि में स्नान करना चाहिए।
- सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद पितरों का तर्पण करना चाहिए। 
- तांबे के पात्र में शुद्ध जल, लाल चंदन और लाल रंग के पुष्प डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए।
- पितरों की आत्मा की शांति के लिए उपवास करें और किसी गरीब व्यक्ति को दान.दक्षिणा देना चाहिए।
- यदि पितृ दोष है से पीड़ित व्यक्ति को पौष अमावस्या का व्रत रखकर पितरों का तर्पण अवश्य करना चाहिए।

संक्रांति से लेकर लोहड़ी तक इस माह आएंगे ये व्रत और त्यौहार

इस दिन करें कोई एक उपाय
- अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ का पूजन कर मीठा जल अर्पित करें।
- तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाकर परिक्रमा करें।  
- सूर्यास्त के बाद हनुमान जी के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- अमावस्या तिथि शिवलिंग के पास दीपक जलाएं और ऊँ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जप करें।